• "डाबर" का तेल और MDDA का मेल, गज़ब हो रहा खेल!

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    देहारादून। जब बच्चे छोटे होते है तो माँ बच्चे की हड्डियों को मजबूत करने के लिए डाबर का तेल लगाती है । उत्तराखंड की राजधानी देहारादून में भी मसूरी देहारादून विकास प्राधिकारण मे डाबर का तेल खूब चर्चा का केंद्र बन रहा है । एमडीडीए के आला अधिकारियो पर डाबर के तेल की ऐसी मालिश हुई कि उन्होने अपनी हड्डियों को बचाने के लिए एक बिल्डिंग का मानचित्र स्वीक्रत कर दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय से महज 500 मीटर पर एक बिल्डिंग के कम्पौंडिंग मानचित्र को मंजूरी दे दी गयी जो नियमो को ताक पर रखकर बना है। पूरे उत्तराखंड में माननीय हाईकोर्ट के निर्देश पर अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन और एमडीडीए ने अभियान छेड़ रखा है, और अगर कोई महज एक शपथ पत्र के आधार पर अपना अवैध मानचित्र शमन करवा ले और प्राधिकारण के आला अधिकारी उसके बाद डाबर के तेल से मालिश करवा अपनी आंखे मूद कर सो जाए तो उसे क्या कहा जाएगा।

    ये तो शोले की बसंती वाली बात हो गयी कि हमे बकबक करने की आदत भी नहीं है और नियम के अनुसार शपथ पत्र ले लिया है अगर उक्त प्रकरण से संबन्धित प्राधिकारण को कोई शिकायती पत्र मिलेगा तो कार्यवाही जरूर होगी। इस टाइप के बयान आपको समाचार पत्रो में और न्यूज़ चैनल में प्राधिकरण के आला अधिकारियों के सुनने को मिलते रहते होगे। केष्टो मुखर्जी का नाम तो आप जानते होंगे? प्राधिकरण के एक आला अधिकारी भी केष्टो मुखर्जी के अवतार मे है चंपी तेल और मालिश? सर तो तेरा चकराय या दिल डूबा जाए, आजा प्यारे पास हमारे, काहे घबराए?

    अबकी बार कुछ अलग होगा क्यूकि इस आला अधिकारी पर ऐसा शोध हुआ है जिससे आप सभी अवगत होना चाहेंगे। एक कंपनी जिसकी फ़ाइल गुम होने की रिपोर्ट भी दर्ज कारवाई जाती है और उसके बाद जांच को प्रभावित भी किया जाता है, क्या है पूरा मामला जल्द आपको खोजी नारद अवगत करवाएगा?

    फिलहाल दीगर बात ये है कि डाबर का ऐसा कौन सा तेल है जिससे प्राधिकरण के अधिकारियों की जमकर मालिश हुई है? यह मालिश किस सफेदपोश ने की और उत्तराखंड के ईमानदार हाकिम किसकिआँख कि किरकिरी बने हुये है? पूरी खबर जल्द आपके समक्ष।

    सूत्रो की माने तो प्राधिकरण के दो आला अधिकारी उत्तराखंड के हाकिम के रडार पर है जिन पर कार्यवाही जल्द होनी है और अगर ऐसा होता है तो भ्रस्टाचार पर जरूर लगाम लगेगी ।

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  • ओवर रेटिंग के खेल में बड़के भैया बने सुपरमैन आबकारी मंत्री को क्यो बना दिया बैडमैन?

    wine.jpgआबकारी विभाग की टीआरपी इन दिनो टॉप पर है वजह है ओवर रेटिंग का खेल, राज्य के कई जिलो मे आबकारी विभाग ओवर रेटिंग का डमरू बजा रहा है। हर दिन लाखो की शराब की बिक्री पर जनता से ओवर रेटिंग का मोटा रुपया किसकी जेब में जा रहा है। देहारादून जिले का हाल तो और भी सुभान है, यहाँ जिले में तैनात बड़के भैया के पास तो किसी के सवाल का जबाब देने तक की फुर्सत नहीं है। वो तो सुपरमैन की भूमिका में आजकल दिख रहे है, जगह जगह छापेमारी हो रही है लाखो के माल पकड़े जा रहे है पर बड़के भैया सालभर तक आंख कान की मालिश मे व्यस्त थे। अब अचानक से मालिश के बाद सुपरमैन की भूमिका में है। आबकारी मंत्री के पास किसी भी बात का जबाब नहीं है, क्या उनकी शह पर बड़के भैया सुपरमैन की भूमिका मे है या फिर मंत्री जी को विभाग के कार्यो में दिलचस्पी नहीं है?

    इस समय आबकारी मंत्री क्यो मनमोहन सिंह बने हुये है? विभाग के 3 से 4 सुपरमैनो की हरकतों से मंत्री जी की बैडमैन छवि बनती दिख रही है?

    क्या उत्तराखंड की सरकार जीरो टोंलरेन्स की है या फिर सवालो के जबाबों के टोंलरेन्स की है?

    अगर इस विभाग के मंत्री जी ने जल्द ही अपनी चुप्पी ना तोड़ी तो उनपर प्रश्न चिन्ह लगना तय है।

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  • पीएनबी के मास्टर डेबिट कार्ड और आपके खाते से रकम गायब

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    पंजाब नेशनल बैंक भरोसे का प्रतीक अब नहीं रह गया है, नीरव मोदी का घोटाला सामने आनेके बाद लोगो का

    भरोसा टूटता जा रहा है। देहारादून में पंजाब नेशनल बैंक की अधोईवाला ब्रांच की खाता धारक अंजलि नयाल के

    साथ तो ऐसा ही हुआ। खोजी नारद को उन्होने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की कहानी को खुद बयां किया। अंजलि द्वारा लाइफ स्टाइल के शोरूम से 9 जुलाई 2017 को लगभग 4564/- रुपएकी खरीददारी की गयी और पीएनबी का मास्टर डेबिट कार्ड से पेमेंट किया गया। पहली बार कार्ड स्वाइप करते समय कार्ड का ट्रांजकशनफेल हो गया,

    जब शो रूम द्वारा दोबारा कार्ड को स्वाइप किया तब ट्रांजकशन ओके हुआ । उसके बाद जब अंजलि द्वारा कुछ

    समय बाद अपनी पासबूक अपडेट कारवाई गयी तब उनको पता चला कि उनके खाते से दो बार 4564/- रुपए

    कट गए है।

    (विडियो देखे और इस लिंक पर क्लिक करे-:)

    https://youtu.be/RNmfrcy1Pnk


    जब अंजलि द्वारा बैंक से इस बाबत पूछा गया और ट्रांजकशन फेल और सक्सेस की स्लिप दिखाई गयी तब बैंक ने

    कहा की आपके खाते में रुपए वापस आ जाएंगे। इ स बात को एक वर्ष पूरा होने वाला है और अंजलि के रुपए आज

    तक वापस नहीं आए। बैंक पर चक्कर काट काट कर अंजलि ने रुपए वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी है।

    जब खोजी नारद की एक बैंक अधिकारी से बात हुई तो उन्होने नाम ना छापने की शर्त पर सही बात बताई और

    कहा कि पीएनबी के वेंडर ही बैंक को चूना लगा रहे है, उन्होने बताया की मास्टरकार्ड एक अमेरिकन कंपनी है, जब

    पीएनबी द्वारा ऐसी ट्रांजकशन के रिफ़ंड की मेल की जाती है तब मास्टरकार्ड कंपनी द्वारा कोई सपोर्ट नहीं मिलता

    है और थक हार कर बैंक ग्राहक को टहलाता रहता है। अब आप ही सोचिए ऐसे कितने हजारो और लाखो ग्राहक

    होंगे जो ऐसी ठगी का शिकार हुये होंगे और बैंक के चक्कर काट काट कर थक चुके होंगे और अपने रकम भूल

    चुके होंगे।

    लोगो की गाढ़ी कमाई का ये रुपया आखिर किसकी जेब मे गया होगा। आप अंजलि नयाल का विडियो देखिये कि

    एक साल बीत जाने के बावजूद भी उनको अपने रुपए वापस नहीं मिले। क्या पीएनबी का वेंडर मास्टर कार्ड लोगो

    कीजेब पर डाँका डालने का साधन तो नहीं।

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