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नई दिल्ली: कैमरे से व्यक्ति ऐसे मोमेंट कैप्चर कर लेता है. जिसे देखकर मूड रिफ्रेश हो जाए. लेकिन नॉरवे के रहने वाले रॉबर्टसन के साथ कुछ अलग ही हो गया. उन्होंने चिड़िया का क्लोजअप लेने की कोशिश की. लेकिन चिड़िया कैमरा उड़ाकर ही भाग गई. उसके बाद जो हुआ वो हैरान करने वाला था. 5 महीने बाद कैमरे पर जो वीडियो दिखा वो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. आइए देखते हैं आखिर हुआ क्या था...

कैमरा उड़ा कर ले गई चिड़िया
रॉबर्टसन चिड़ियाओं का क्लॉजअप फुटेज चाहते थे. इसलिए उन्होंने घर के आंगन में कुछ ब्रेड के टुकड़े रखे और साथ में कैमरा रख दिया. कुछ ही मिनट बाद चिड़िया आई और ब्रेड खाने लगी. लेकिन चिड़िया को इतनी भूख लग रही थी कि कैमरा भी उठाकर ले गई. हवा में चिड़िया जहां उड़ रही थी वो कैमरा रिकॉर्ड कर रहा था. जो व्यू देखने को मिला वो बिलकुल ड्रोन जैसा था. कुछ ही मीटर कवर करने के बाद चिड़िया कहीं रुक गई और कैमरा छोड़कर भाग गई. 

5 महीने तक नहीं मिला कैमरा
रॉबर्टसन ने कैमरा को ढूंढने की कई कोशिश की. लेकिन 5 महीने तक उसे कैमरे का पता नहीं चला. लेकिन जब मिला तो उन्हें ये शानदार वीडियो मिला. ये वीडियो गोप्रो फीचर के तहत मिला. जो यूट्यूब पर काफी वायरल हो रहा है. अब तक इस वीडियो को करीब 1 लाख व्यूज मिल चुके हैं.

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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आरएसएस से जुड़ी संस्था विद्या भारती ने बड़ा अभियान चलाने की तैयारी की है। विद्या भारती ने 11 सितंबर से राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इस दौरान देशभर में तरह-तरह के आयोजनों के जरिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सुधारों के दायरे, पैमाने और प्रभाव पर व्यापक चर्चा होगी। 25 सितंबर से दो अक्टूबर तक कुल 13 भाषाओं में ऑनलाइन 'माय एनईपी' नामक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी । यह प्रतियोगिता समग्र शिक्षा, ज्ञान आधारित समाज और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसे तीन उप-विषयों पर आयोजित होगी। प्रतियोगिता को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। कक्षा 9-12 की प्रथम श्रेणी , स्नातक श्रेणी और नागरिक या खुली श्रेणी। प्रत्येक श्रेणी में विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार मिलेंगे। सभी प्रतियोगियों को भागीदारी का प्रमाणपत्र भी मिलेगा। इस प्रतियोगिता के तहत हस्तनिर्मित पेंटिंग , मीम-मेकिंग, प्रधानमंत्री को पत्र-लेखन , भाषण प्रतियोगिता , निबंध लेखन प्रतियोगिता , लघु फिल्म निर्देशन (निर्माण) , डिजिटल डिजाइनिंग और ट्विटर थ्रेड जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर एक इंटरैक्टिव क्विज भी ऑनलाइन आयोजित होगा। विजेताओं के नामों की घोषणा 5 अक्टूबर को होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर यह जागरूकता अभियान युवा स्वयंसेवक चलाएंगे।
विद्या भारती के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीराम आरावकर ने संबंधित वेबिनार में कहा , "हमारे जागरूकता अभियान में ज्यादा भागीदारी हो इसलिए एनईपी-थीम वाली प्रतियोगिताओं की श्रृंखला शामिल है। जिसमें विद्यालय और कॉलेज के छात्रों के साथ-साथ इच्छुक एवं जागरुक नागरिक भी भागीदारी कर सकते हैं। नई शिक्षा नीति में सीखने के सकारात्मक परिणामों के लिए शिक्षा के प्राथमिक माध्यम के रूप में मातृभाषा की सिफारिश की गई है। इसी को ध्यान रखते हुए अधिकांश प्रतियोगिताएं अंग्रेजी के साथ-साथ ,विविध क्षेत्रीय भाषाओं के पृष्ठभूमि के छात्रों तक पहुंचने के लिए ,12 अन्य भारतीय भाषाओं में आयोजित की जाएंगी।"

 

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भारत ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर उसके सैनिकों की भड़काऊ गतिविधियो को छिपाने के लिए गुमराह करने वाले बयान दे रहा है और भारतीय सैनिकों ने कभी भी वास्तविक नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण की कोशिश नहीं की है। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी कर चीन के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि उसके सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भड़काने वाली गतिविधियां कर रहे हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि चीनी सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बदलने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे भारतीय सैनिकों ने बार-बार विफल किया है।

बयान में कहा गया है कि भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव कम करने और स्थिति सामान्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन चीन निरंतर उकसाने वाली गतिविधियों में लिप्त है। बयान में जोर देकर कहा गया है कि भारतीय सेना ने कभी भी एलएसी का अतिक्रमण करने की कोशिश नहीं की और न ही कभी फायरिंग सहित कोई उकसाने वाली कार्रवाई की है। मंत्रालय ने कहा है कि चीनी सैनिक समझौतों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए उकसाने वाली कार्रवाई कर रहे हैं और सैन्य, राजनयिक और राजनीतिक स्तर पर हो रही बातचीत को धत्ता बता रहे हैं।

भारत ने कहा है कि 7 सितम्बर के घटनाक्रम में चीनी सैनिकों ने एलएसी पर बनी हमारी एक अग्रिम चौकी की ओर बढ़ने की कोशिश की जिस पर भारतीय सैनिकों ने उन्हें आगाह किया तो चीनी सैनिकों ने डराने के लिए कुछ राउंड फायरिंग की, हालांकि गंभीर स्थिति के बावजूद भारतीय सैनिकों ने संयम और परिपक्व तथा जिम्मेदारीपूर्ण रूख अपनाया। मंत्रालय ने कहा है कि सेना सीमा पर शांति तथा स्थिरता बनाये रखने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन वह राष्ट्रीय एकता और संप्रभुता के लिए किसी कीमत पर समझौता नहीं करेगी। चीन गलत बयान देकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। चीन ने भारतीय सैनिकों पर फायरिंग करने और एलएसी का अतिक्रमण करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

 

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एक शादी सिर्फ इसलिए कैंसिल हो गई क्योंकि रसगुल्लों की वजह से विवाद हो गया. उत्तर प्रदेश के जिले उन्नाव में ऐसा ही एक मामला सामने आया है. मीडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक खुंटहा गांव के रहने वाले शिवकुमार की शादी कर्मापुर गांव में सविता ( बदला हुआ नाम) नाम की लड़की से तय हुई थी. बारात बड़े ही धूमधाम से गांव पहुंची थी और जमकर आवभगत भी की गई थी. नाचते-गाते बाराती वधु पक्ष के दरवाजे पहुंचे जहां उनका गुलाब के फूलों से स्वागत किया गया और सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था. इसके बाद जयमाल के समय बारातियों को स्नैक्स के साथ कोल्ड ड्रिंक और कॉफी दी गई. इसके बाद दुल्हन के पिता ने सभी बारातियों से कहा कि वह पहले खाना खा लें ताकि इसके साथ ही आगे के रिवाज शुरू किए जा सकें. बारातियों के खाने की व्यवस्था अलग से पंडाल में की गई थी. शानदार व्यवस्था देख सभी बाराती खुश थे. तभी अचानक दुल्हन और दूल्हे के चचेरे भाई मनोज के बीच बहस शुरू हो गई. दरअसल खाने की प्लेट पर मनोज ने दो रसगुल्ले रख लिए थे जबकि दुल्हन पक्ष के जिस रिश्तेदार को मिठाई के स्टॉल की जिम्मेदारी दी गई थी उसे शायद बोला गया था कि हर बाराती को एक ही रसगुल्ला देना है. जब मनोज ने दो रसगुल्ले रख लिए तो उस रिश्तेदार ने मनोज को टोक दिया. इस पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई और थोड़े ही देर में दूसरे बाराती भी वहां पहुंच गई और झगड़ा शुरू हो गया. थोड़ी ही देर में पंडाल के पास नजारा कुश्ती का मैदान जैसा दिखने लगा और बुरी तरह से मारपीट शुरू हो गई. बारातियों और वधु पक्ष के बीच भयंकर हाथापाई चल रही थी. लोग एक दूसरे पर प्लेट फेंकने लगे. बारातियों का उत्पात बढ़ता ही जा रहा था उन्होंने सारी हदें पार कर डालीं और खाने का सामान पूरे पंडाल में बिखरा डाला. दुल्हन के पिता ने सभी बारातियों को समझान की कोशिश की लेकिन कोई भी मानने के लिए तैयार नहीं था. इतना ही नहीं मनोज और उसके साथियों ने दुल्हन के पिता के साथ धक्कामुक्की कर डाली. इसी बीच किसी ने पुलिस को खबर कर दी जिसने मौके पर पहुंच कर मामले को शांत कराया. इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई जिसमें फैसला लिया गया कि शादी को आगे बढ़ाया जाए लेकिन बारातियों के उत्पात से नाराज दुल्हन सविता ने शादी से करने से इनकार कर दिया. उसने लाख मनाने के बाद भी शादी के लिए हामी नहीं भरी. फिर क्या था मिठाई और सब्जी चेहरे और कपड़ों में लगाए बाराती बिना दुल्हन के ही वापस लौट गए. इलाके के एसचओ मोहम्मद अशरफ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दुल्हन के पिता की ओर से शिकायत दर्ज करा दी गई है और मामले की जांच की जा रही है.

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