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सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। मंगलवार को पिछले पांच में चौथा मौका रहा, जब सोना सस्ता हुआ। पिछले महीने अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकीं सोने की कीमत अब 5000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक कम हो गई हैं। चांदी में भी लगातार गिरावाट देखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में गिरावट के कारण भारतीय बाजारों में मंगलाव को सोने और चांदी की कीमतें गिरीं। एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.5% गिरकर 50,803 प्रति 10 ग्राम हो गया। चांदी वायदा भी 0.6% गिरकर67,850 प्रति किलोग्राम पर आ गई।

पिछले सत्र में सोने के वायदा में 0.7% की तेजी आई थी, जबकि इसके पिछले तीन दिन गिरावट का रुझान रहा था। चांदी वायदा में 1.6% की वृद्धि हुई थी। सोने और चांदी दोनों ने पिछले महीने अपना उच्च स्तर हासिल किया था। अगस्त के तुलना में अभी चांदी 10,000 प्रति 10 ग्राम सस्ती है।

वैश्विक बाजारों में भी मंगलवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई। इसे पीछे मजबूत अमेरिकी डॉलर और दुनिया भर में कोरोनो वायरस का असर बताया जा राह है। हाजिर सोना 0.2% की गिरावट के साथ 1,925.68 डॉलर प्रति औंस था। डॉलर का सूचकांक अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले 0.45% बढ़ा, जिससे अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोना अधिक महंगा हो गया। विश्लेषकों का कहना है कि भारत और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में भी उपभोक्ता मांग कमजोर है।

देश की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गिरावट का सिलसिला जुलाई में काफी धीमा पड़ गया। वाणिज्य एवं उद्योग मंडल एसोचैम ने सोमवार को यह सकारात्मक टिप्पणी की। एसोचैम की तरफ से कराए गए विश्लेषण के मुताबिक जुलाई, 2020 के दौरान सीमेंट, स्टील और कोयला जैसे महत्वपूर्ण सेक्टरों में काफी सुधार देखा गया है। हालांकि सालाना आधार पर इनके आंकड़े गिरावट दर्शाते हैं, लेकिन इनमें तेजी से सुधार आया है। पहली तिमाही में इन क्षेत्रों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। मसलन, कोयला उत्पादन में 2020-21 की पहली तिमाही के दौरान 15 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई, लेकिन जुलाई में यह गिरावट महज 5.7 प्रतिशत रह गई। इसी तरह अप्रैल-जून में 38.3 प्रतिशत की तेज गिरावट के बाद सीमेंट उत्पादन जुलाई में केवल 13.5 प्रतिशत घटा।

 

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