उत्तर प्रदेश

 

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यूपी के मथुरा जिले में दो लड़कियों ने एक-दूसरे से शादी करने का निर्णय किया है। हालांकि दोनों लड़कियों के घरवाले इसका विरोध कर रहे हैं। घरवालों के विरोध के खिलाफ लड़कियों ने सोमवार को स्थानीय थाने में पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई। लड़कियों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें एक-दूसरे से शादी करने की अनुमति नहीं दी गई तो वे आत्महत्या कर लेंगी।

स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले करीब 2-3 साल से ये दोनों लड़कियां एक ब्यूटी पार्लर में साथ में काम करती हैं। इनमें से एक की उम्र 20 वर्ष जबकि दूसरी लड़की की उम्र 18 वर्ष है। सोमवार को इन लड़कियों ने एक-दूसरे से शादी करने की इच्छा जताते हुए थाने में एक पत्र भी सौंपा है। 

लड़कियों की गुहार के बाद पुलिस ने दोनों के परिजनों को थाने बुलाया। परिजनों के पहुंचने के बाद पुलिस ने मामले को सुलझाने की कोशिश की। परिजन विरोध करते रहे जबकि लड़कियां शादी के लिए अड़ी रहीं। पुलिस ने बताया कि विरोध दर्ज कराने के बाद परिजन वापस घर लौट गए। 

'प्यार करना अपराध नहीं'

उधर, मीडिया से बातचीत में इस जोड़े में पुरुष की भूमिका निभा रही 20 वर्षीय लड़की ने कहा, 'अपने किसी दोस्त को प्यार करना अपराध नहीं है। लोग हमारे रिश्तों के बारे में क्या कहेंगे, हमें फर्क नहीं पड़ता। मैं अपनी गर्लफ्रेंड से शादी करना चाहती हूं लेकिन मेरे परिवारवाले अनुमति नहीं दे रहे हैं।' 

'दोस्त के बिना नहीं जी सकती'
लड़की ने आगे कहा, मैं उसके बिना नहीं जी सकती हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि जब हम दोनों को साथ रहने में कोई दिक्कत नहीं है तो दूसरों को क्या आपत्ति है। पुलिस ने हमें आश्वासन दिया है कि वे हमारी मदद करेंगे। वहीं दूसरी लड़की ने कहा, 'हम अलग-अलग नहीं जी सकते। हम कहीं और नहीं जाना चाहते। बस साथ में रहना चाहते हैं।' 

'कानूनी प्रावधानों की कर रहे जांच'
एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने कहा, इस मामले में पुलिस कानूनी प्रावधानों की जांच कर रही है। प्रथमदृष्ट्या एक ही लिंग में शादी की अनुमति नहीं है।' आत्महत्या के सवाल पर एसपी ने कहा कि वे आत्महत्या नहीं कर सकतीं, यह कानून के खिलाफ है। दोनों फिलहाल महिला पुलिस थाने में हैं। 

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चीन से खिलौनों के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए राज्य सरकार ने खिलौना नीति-2020 तैयार कराया है। चीन की तरह प्रदेश को खिलौना निर्माण का हब बनाने का खाका इस नीति में खींचा गया है।

औद्योगिक संगठनों व विभागों से इस प्रस्तावित नीति पर सुझाव मांगे गए हैं। सरकार जल्द से जल्द इस नीति को लागू करने की तैयारी में है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक खिलौना उद्योग में 20 हजार करोड़ का निवेश और तीन लाख लोगों को रोजगार देने की है।

इस नीति के लागू होने पर उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा जहां पर खिलौना उद्योग के लिए अलग से नीति होगी। नीति में खिलौना उद्योग में निवेश करने वाले उद्यमियों को तमाम सुविधाएं देने की व्यवस्था है। यहां तक कि एमएसएमई विभाग इकाईयों द्वारा बनाए जाने वाले खिलौनों की डिजाइनिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग के साथ ही निर्यात में सहयोग करेगा। विश्वस्तरीय मेलों और प्रदर्शियों में यूपी के खिलौनों को प्रदर्शित किया जाएगा।

नई नीति को विश्वस्तरीय मानकों पर कसा गया है। ट्वाय कलस्टर अथवा पार्क की स्थापना के लिए सरकार विश्वस्तरीय इको सिस्टम, डिजाइन, टेस्टिंग आदि सुविधाएं उद्यमियों को मुहैया कराएगी। स्किल डेवलेपमेंट का काम भी किया जाएगा। उद्योगों की स्थापना के लिए बाधारहित सिंगल विंडो सिस्टम दिया जाएगा।

एमएसएमई की प्रस्तावित योजनाओं में ट्वाय कलस्टर शामिल

सूक्ष्म, लघु एवं मद्यम उद्यम विभाग राज्य में तेजी से उद्योगों की स्थापना और अधिक से अधिक रोजगार देने के तहत कई योजनाओं पर काम कर रहा है। जिसके तहत इलेक्ट्रानिंग मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर, इंडस्ट्रियल जोन, आप्टिकल फाइवर कनेक्टिविटी के साथ ही ट्वाय मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर प्रमुख हैं। खिलौना उद्योग में बड़ी तादाद में अकुशल, अद्र्धकुशल और कुशल श्रमिकों को रोजगार की संभावनाएं देखी जा रही हैं, खासकर महिला कामगारों के लिए।

विश्व के खिलौना बाजार में भारत की हिस्सेदारी महज आधी फीसदी

ग्लोबल मार्केट रिसर्च फर्म (इमार्क) के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 90 फीसदी खिलौनों का आयात चीन से होता है। खिलौनों के विश्व बाजार में भारत की हिस्सेदारी महज आधी फीसदी है। देश में इस समय करीब 10 हजार करोड़ रूपये का खिलौने का बाजार है। राज्य में झांसी में परंपरागत खिलौने बनते हैं। चित्रकूट और वाराणसी में लकड़ी के खिलौने का काम होता है। इलेक्ट्रानिक और बैटरी आधारित खिलौने का निर्माण नहीं के बराबर राज्य में है। खिलौना नीति में राज्य में इलेक्ट्रानिक खिलौने, सिलिकान के खिलौने के साथ ही परंपरागत खिलौनों को नया लुक देने पर जोर है।

5 करोड़ तक प्रोत्साहन देने की व्यवस्था

खिलौनों से संबंधित कलस्टर, पार्क के साथ ही व्यक्तिगत इकाईयों को 5 करोड़ रूपये तक प्रोत्साहन सरकार की तरफ से देने की योजना है। प्रोत्साहन राशि का लाभ उन्हीं को दिया जाएगा जो इकाईया 31 मार्च 2025 से पहले स्थापित होंगी। एनआरआई, एफडीआई और एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट (ईओयू) को पांच फीसदी अतिरिक्त इंसेटिंव के साथ ही ब्याज में और एक फीसदी छूट दी जा सकती है। 20 एकड़ में होंगे कलस्टर और पार्क।

 

परंपरागत एवं उल्लास के साथ होलिका दहन किया गया। गुरुवार रात आठ बजे विधिवत पूजा-अर्चना के साथ होलिका दहन किया गया। लोगों ने परंपरागत ढंग से गन्ने और जौ की बाली के साथ होलिका की परिक्रमा कर होलिका दहन पर जौ की बाली भूनी।

 गुरुवार शाम को गजरौला के इंद्राचौक पर शिवमंदिर के सामने स्थित होलिका का पूजन विधिवत रूप से किया गया। होलिका पूजन के बाद होलिका दहन किया गया। जहां लोगों ने जौ की बालियां भून लोगों ने सगे-संबंधियों के घर जाकर एक-दूसरे से जौ बदल आपस में गले मिल होली की शुभकामनाएं दी। शहर में कई स्थानों पर होलिका दहन किया गया। होलिका दहन की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं। हालांकि कई गांवों में शुक्रवार सुबह को भी होलिका दहन किया जाएगा।

मंडी धनौरा और बछरायूं के नगर व ग्रामीण क्षेत्र में होली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने इस अवसर पर भगवान विष्णु व हनुमानजी की पूजा अर्चना की। नगर के होली मैदान पर महिलाओं ने पूजा अर्चना की और होलिका माँ से अपनी व परिवार की रक्षा की प्रार्थना की। होली की खरीदारी से बाजारों में रौनक रही। लोगों ने पिचकारी, गुलाल व रंगों की जमकर खरीदारी की। घरों में भी लोगों ने पूजा अर्चना की। बछरायूं में भी होली का पूजन किया गया।

हसनपुर के पुराने डाकखाने के पास बृहस्पतिवार की शाम महिलाओं ने होलिका पूजन किया। बाजारों में दुकानें सजी हुई थी। लोगों ने जमकर खरीदारी की। एक दूसरे को होली की मुबारकबाद गुलाल डालकर दी।

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन समाप्त होने के कारण 33 बच्चों सहित 48 लोगों की मौत के बाद अब सरकार बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। इस प्रकरण की जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासनिक, स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग से जुड़े अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।

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लखनऊ, 15-08-2017 (नेशनल वार्ता ब्यूरो) । बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों सहित 48 लोगों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बड़ी कार्रवाई की तैयारी में हैं। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के साथ ही चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन मेडिकल कालेज गोरखपुर में मामले की पड़ताल कर रहे हैं। इनकी रिपोर्ट के बाद ही कई बड़े अफसरों के साथ अन्य पर भी गाज गिरने की संभावना है।  गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन समाप्त होने के कारण 33 बच्चों सहित 48 लोगों की मौत के बाद अब सरकार बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। इस प्रकरण की जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासनिक, स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग से जुड़े अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और प्राविधिक एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन अपनी जांच रिपोर्ट सीएम ऑफिस को सौंपेंगे। इस रिपोर्ट के बाद कई अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। ऑक्सीजन की सप्लाई न होने की वजह से दो दिनों में 33 बच्चों समेत 48 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में ऑक्सीजन की सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स के लखनऊ ऑफिस पर भी छापेमारी की गई है। आरोप है कि पेमेंट न होने की वजह से मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी गई थी। इस बीच पुष्प सेल्स की एचआर हेड मीनू वालिया ने कहा है कि मौत ऑक्सीजन की सप्लाई ठप होने से नहीं हुई। कोई भी इस तरह सप्लाई बंद नहीं कर सकता हम जानते हैं कि इसके परिणाम क्या हो सकते हैं। वालिया ने कहा कि हम लोगों पेमेंट के लिए सम्बंधित अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा मगर किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। वहीं पुष्प सेल्स के मालिक मनीष भंडारी ने कहा है कि कॉलेज प्रशासन के रवैये के वजह से सब कुछ हुआ। इसमें सिर्फ और सिर्फ कॉलेज प्रशासन की गलती है।

 

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