rashtrapati bhawan

राष्ट्रपति भवन में नौकरी दिलाने के नाम सत्तारूढ़़ भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी संतराम को ही शातिर महिला ठग ने अपना निशाना बना लिया। ठग ने खुद को मीडियाकर्मी बताकर पहले तो कर्मचारी का भरोसा जीता और फिर उससे छह लाख रुपए लेने के बाद गायब हो गई। कर्मचारी की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। 11 अशोका रोड स्थित भाजपा मुख्यालय में कार्यरत संतराम की मुलाकात लक्ष्मी नामक महिला से हुई, जो लगातार भाजपा कार्यालय जाती थी और खुद को मीडियाकर्मी बताती थी। उसने संतराम को अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर झांसे में लिया था। लक्ष्मी ने बताया था कि उसके कई मंत्रालयों में उच्च पदस्थ अधिकारियों से संपर्क है। इसी बीच राष्ट्रपति भवन में माली पद के लिए भर्ती निकली थी। आरोपी महिला ठग लक्ष्मी ने संतराम से कहा कि अगर उसका कोई जानकार हो तो वह उसकी नौकरी लगवा सकती है। संतराम आरोपी महिला के झांसे में आ गया और उसने कहा कि उसके छोटे भाई की नौकरी लगवा दे। लक्ष्मी ने उससे कहा कि नौकरी लगवाने के बदले 10 लाख रुपए खर्च होंगे। संतराम अपने भाई की नौकरी लगने के सपने देखने लगा और तीन किस्त में रुपए देने की बात भी कर ली। आरोपी महिला ने खुद ही संतराम के भाई का फॉर्म भरा। फॉर्म भरने के बाद आरोपी लक्ष्मी की डिमांड पर संतराम ने उसके पंजाब नेशनल बैंक के खाते में फरवरी 2016 में 3 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए डाल दिए। कुछ दिन बाद लक्ष्मी ने संतराम के दोस्त की ई-मेल आईडी पर उसके छोटे भाई का रिसिविंग लेटर व इंटरव्यू लेटर मेल कर दिया और अप्रैल 2016 में फिर संतराम से 3 लाख रुपए ले लिए। 6 लाख रपए देने के कुछ समय बाद जब संतराम ने लक्ष्मी से संपर्क किया तो काफी समय तक उसे टालती रही। जब संतराम ने जब नौकरी न लगवा पाने पर लक्ष्मी से अपने रुपए वापस मांगे तो उसने अपनी पहुंच का हवाला देते हुए धमकी दी कि अगर उसने इसकी शिकायत दी तो वह उसे व उसके दोस्त को झूठे मुकदमे में फंसा देगी। खुद को ठगा महसूस करने पर संतराम ने संसद मार्ग थाने में 27 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और ठग महिला की तलाश में जुटी है।

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