भांडा फोड़

 

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कहते हैं सभी जानवरों में कुत्ता सबसे वफादार जानवर होता है। ऐसे ही एक वफादार कुत्ते की मिसाल गुजरात में देखने को मिली। इस कुत्ते की वफादारी की कहानी सुनकर आप भी तारीफ किये बिना नहीं रह पायेंगे। अपने मालिक के ऊपर तीन खूंखार शेरों को हमला करते देख

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हरियाणा के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर सम्पत नेहरा को पुलिस ने बुधवार को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 28 साल का ये गैंगस्टर बॉलीवुड एक्टर सलमान खान को मारने की प्लानिंग कर रहा था.

पुलिस के मुताबिक, सम्पत नेहरा सलमान की गतिविधि‍यों पर नजर रखे हुए था. ये गैंगस्टर सलमान को मारने की प्लानिंग के मुताबिक मुंबई जाकर एक्टर के आने जाने से लेकर उनके बॉडी गार्ड्स के बारे में भी जानकारी ले चुका था.

बता दें सम्पत नेहरा उसी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करता है जो इस साल जनवरी में सलमान खान को काला हिरण मामले में जान से मारने की धमकी दे चुका है. लारेंस विश्नोई गैंग एक खतरनाक गिरोह है. यह गैंग सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव है, खासकर फेसबुक और व्हाट्सअप पर. गैंग के इसी मेंबर नेहरा के खि‍लाफ हत्या, अपहरण और सुपारी लेकर हत्या करने के दो दर्जन से अधिक मामले चल रहे हैं.

नेहरा का अगला टारगेट सलमान खान थे और इसी के चलते उसने सलमान के घर की रेकी की. सलमान को मारने के बाद नेहरा की विदेश जाने की प्लानिंग थी. बताते चलें कि ये गैंग सलमान द्वारा काला हिरण का शि‍कार करने को लेकर काफी नाराज चल रहा था और इसी के चलते ये गिरोह सलमान को मारने का मास्टर प्लान तैयार कर रहा था.

यही नहीं नेहरा की तलाश हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और चंडीगढ़ पुलिस को भी थी. पुलिस ने बताया कि पिछले कुछ सालो से फरार चल रहे नेहरा के सिर पर नकद ईनाम घोषित किया गया था. गैंगस्टर लारेंस विश्नोई गिरोह का शार्प शूटर सम्पत नेहरा राजस्थान के चुरू जिले के कलौरी गांव का रहने वाला है.

भारतीय थल सेना की मांग पर काम में तेजी

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नई दिल्ली (नेशनल वार्ता ब्यूरो)। केंद्र सरकार ने बीते 15 सालों से अधर में लटके लगभग 46 निर्माणकार्य को तेजी से पूरा कराने के लिए कमर कस ली है। यह प्रॉजेक्ट्स भारत-चीन सीमा पर सड़क निर्माण से जुड़े हैं। सरकार इन्हें जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है ताकि जरूरत पडऩे पर सेना और हथियारों को तेजी सले एलएसी पर पहुंचाया जा सके। सरकार ने बढ़ाई बीआरओ की पावर-भारत-चीन सीमा पर सामरिक सड़कों के निर्माण में अत्यधिक देर पर चिंता जताते हुए रक्षा मंत्रालय ने परियोजनाओं को शीघ्रता से पूरा करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को और अधिक प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियां दी हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 61 सड़कों का बीआरओ द्वारा भारत- चीन सीमा सड़क (आईसीबीआर) परियोजना के तहत निर्माण में अत्यधिक देर होने पर सख्त ऐतराज जताया था, जिसके कुछ महीने बाद बीआरओ को अतिरिक्त शक्तियां देने का फैसला लिया गया है। इन सड़कों की कुल लंबाई 3,409 किलोमीटर है। बीआरओ महानिदेशक की वित्तीय शक्तियां बढ़ीं-रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह बीआरओ में बहुत बड़ा बदलाव लाने का इरादा रखता है ताकि कार्य की गति को बेहतर किया जा सके और सेना की जरूरत के मुताबिक वांछित नतीजे प्राप्त किए जा सकें। मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने बीआरओ को अतिरिक्त प्रशासनिक शक्तियां देने के अलावा स्वदेशी एवं आयातित निर्माण मशीन एवं उपकरण की खरीद के लिए बीआरओ महानिदेशक की वित्तीय शक्तियां बढ़ा कर 100 करोड़ रुपए तक कर दिया है। अब से पहले महानिदेशक को 7.5 करोड़ रुपए तक के स्वदेशी उपकरण और तीन करोड़ रूपये के आयातित उपकरण खरीदने की शक्ति प्राप्त थी। डोकलाम को लेकर उठाया कदम-रक्षा मंत्रालय ने टर्नकी आधार पर सड़क परियोजनाओं के काम में बड़ी कंपनियों को लगाने की बीआरओ को इजाजत देने के लिए नीतिगत दिशानिर्देश को भी मंजूरी दी है। डोकलाम को लेकर भारत और चीन की सेनाओं के बीच तकरार होने के मद्देनजर बीआरओ को ये शक्तियां दी गई हैं। भारतीय थल सेना की मांग पर काम में तेजी-आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत-चीन सीमा पर उन सड़कों के निर्माण में देर होने को लेकर भारतीय थल सेना नाखुश है और रक्षा मंत्रालय से परियोजना में तेजी लाने का अनुरोध किया था जिन्हें मूल रूप से 2012 में पूरा होना था। मंत्रालय ने कहा कि बीआरओ का एक चीफ इंजीनियर अब 50 करोड़ रुपए तक का, अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) 75 करोड़ रुपए तक का और महा निदेशक 100 करोड़ रुपए तक के ठेकों के लिए प्रशासनिक मंजूरी दे सकता है। इन परियोजनाओं को विभागीय या अनुबंधीय प्रणाली के तौर पर पूरा किया जा सकता है। साथ ही, जवाबदेही तय करने को लेकर कार्य की प्रगति की ऑनलाइन निगरानी के लिए एक साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है।

Rajinikanths wife

चेन्नई । तमिल सुपररस्टार रजनीकांत के फैंस को यह खबर निराश कर सकती है। उनकी पत्नी लता रजनीकांत द्वारा चलाए जा रहे स्कूल पर ताला लग गया है और वजह चौंकाने वाली है। जिस इमारत में स्कूल चलाया जा रहा था, उसका वह किराया नहीं भर रही थीं। ऐसे में मकान मालिक ने स्कूल पर ताला जड़ दिया। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि मकान मालिक के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करने का फैसला किया है। लता रजनीकांत द्वारा संचालित 'आश्रमÓ नामक स्क्ूल में करीब 400 बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों को अब दूसरे संस्थान में स्थानांतरित किया गया है। जिस इमारत में स्कूल चलता है उसके मालिक का नाम वेंकटेश्वरलु हैं। उनका दावा है कि मई 2018 यानी इमारत खाली करने तक प्रबंधन न्यायालय के निर्देशानुसार किराए का भुगतान करने पर सहमत हुआ था। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने किराए का भुगतान नहीं किया है। एक बयान में स्कूल प्रबंधन ने कहा है कि वह मकान मालिक के खिलाफ  मानहानि का मामला दायर करेगा। मौजूदा परिसर में एक दशक से अधिक समय से स्कूल चल रहा था, मगर हाल ही में मकान मालिक के पारिवारिक विवाद के कारण उन्हें बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। बयान में प्रबंधन ने कहा, यह सिर्फ  किराए की बात नहीं, बल्कि उनके शोषण की है। हमारे बीच जो समझौता और बातचीत हुई थी, यह किराया उसके आधार पर नहीं है। किराया अनुचित, अतार्किक और बहुत अधिक है।

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