उत्तराखंड

Tehri Garhwal Dam

नई टिहरी । टिहरी बांध की झील का जलस्तर पर बढऩे से तटवर्ती प्रतापनगर क्षेत्र के गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों के घर और आंगन में दरारें गहराने लगी है, जिस कारण ग्रामीणों में दशहत बनी हुई है। जिला पंचायत सदस्य कंगसाली आंनद रावत ने गांवों के विस्थापन की मांग की है। तीन दिवसीय क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिपं सदस्य आनंद रावत ने कंगसाली, रौलाकोट, गडोली, चांठी, मोटणा, चौंधार, भैंगा, जणगी आदि गांवों का भ्रमण किया। बताया कि टिहरी झील का जल स्तर बढऩे से इन गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। गांवों के विस्थापन को लेकर शीघ्र डीएम से भेंट की जाएगी। क्षेत्र में जंगली सुअरों का भी आतंक बना हुआ है। सुअर नकदी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों को फसल का उचित प्रतिकर मिलना चाहिए। इसके साथ हटवाल गांव में अधर में लटके प्रसिद्ध भोमेश्वर महादेव मंदिर का काम टीएसडीसी के सीएसआर मद से पूरा करवाने की मांग की। उन्होंने डोबरा-चांठी पुल का भी निरीक्षण कर पुल निर्माण शीघ्र पूरा करने की जरूरत बताई। इस मौके पर उनके साथ में राजेंद्र बोरा, चंदन सिंह पंवार, राजेंद्र सजवाण, धूम सिंह रावत, सुंदर सिंह रावत, मंगल सिंह पंवार, राजेंद्र थलवाल आदि शामिल रहे।

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देहरादून (सू.ब्यूरो) शनिवार को राजभवन में पांच दिवसीय Toppers Conclave का विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल Dr. K.K. Paul ने अपने सम्बोधन में कहा कि जीवन में सफल होने के लिए इंटेलीजेंस कोशिएंट (आई.क्यू.) की बजाय इमोशनल कोशिएंट(ई.क्यू.) अधिक महत्वपूर्ण है। टीम लीडर बनकर सबको साथ लेकर चलने की योग्यता ही समाज में स्थान दिलाती है। बड़े कामों में सफलता टीमवर्क से ही मिलती है। जीवन में सफल होने के लिए मौजूदा संसाधनों व परिस्थितियों में ही काम करना होता है। अच्छी पुस्तकें, चरित्र निर्माण में सहायक होती हैं। राज्यपाल ने कहा कि हमेशा आई.क्यू. की बात की जाती है। परंतु इससे भी अधिक महत्वपूर्ण ई.क्यू. अर्थात ईमोशनल कोशिएंट है। हम कितना अपने आप को हमारे दोस्तों, परिवार व समाज से जोड़ पाते हैं। एक योग्य टीम लीडर वहीं है जो कि सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की योग्यता रखता हो। व्यक्तित्व के सम्पूर्ण विकास के लिए मोबाईल, वाट्सएप की आभासी दुनिया से बाहर आकर लोगों से व्यक्तिगत सम्पर्क बहुत जरूरी है। राज्यपाल ने कहा कि संसाधनों की हमेशा कमी बनी रहती है। कभी भी आदर्श स्थिति नहीं होती है। जीवन में सफल होने के लिए वर्तमान परिस्थितियों को स्वीकार करके उपलब्ध संसाधनों व कठोर परिश्रम व बुद्धिमत्ता से ही काम करना होता है। राज्यपाल ने कहा कि छात्रों को अच्छी पुस्तकें पढ़नी चाहिए। अच्छी पुस्तकों से अच्छे विचार विकसित होते हैं, इससे वाणी व कर्म पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। इससे अच्छी आदतें विकसित होती हैं जिसका प्रभाव अच्छे चरित्र के रूप में सामने आता है। राज्यपाल ने Toppers Conclave में प्रतिभाग करने वाले टाॅपर्स व अन्य छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि पांच दिवसीय कान्क्लेव में विभिन्न विषयों पर हुई परिचर्चाओं से अवश्य लाभान्वित हुए होंगे। इस तरह के आयोजनों में प्रतिभाग करने से छात्रों का टेलेंट निखर कर बाहर आता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्तित्व का विकास होता है। राज्यपाल ने कहा कि कान्क्लेव में परिचर्चा के लिए प्रासंगिक विषयों का चयन किया गया। यह हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात रही कि भारत रत्न व महान वैज्ञानिक प्रोफेसर सी०एन०आर० राव से बहुत ही सार्थक मार्गदर्शन मिला। उन्होंने वैज्ञानिक अवधारणा के प्रति हमें प्रेरित किया। प्रदेश के जाने-माने शिक्षाविदों व विशेषज्ञों द्वारा गहरी व प्रेक्टीकल जानकारी दी गई। उच्च शिक्षा मंत्री Dr. Dhan Singh Rawat ने Toppers Conclave की परम्परा प्रारम्भ करने के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने का भरसक प्रयास कर रही है। शैक्षणिक केलेंडर को सुनिश्चित किया जाएगा। विश्वविद्यालयों के टाॅपर्स को लैपटाॅप दिया जाएगा। #देहरादून में 28 अगस्त से 5 सितम्बर तक पुस्तक मेला का आयोजन किया जाएगा, जिसकी थीम ‘‘पढ़ेगा भारत तो आगे बढ़ेगा भारत’’ होगी। इसमें एकेडमिक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। #Uttarakhandको पूर्ण साक्षर बनाने के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय द्वारा 10 गांव गोद लिए जाएंगे। राज्य में 5 ज्ञान कुम्भ आयोजित किए जाएंगे। 20 डिग्री काॅलेजों में 1-1 स्मार्ट क्लास विकसित की जा रही है। दीक्षांत समारोहों के लिए राज्य की अपनी ड्रेस का डिजायन तैयार किया जा रहा है। श्रेष्ठ वक्ता के रूप में चयनित सुश्री अंजली जोशी व सुश्री निशा जोशी ने कहा कि टाॅपर्स कान्क्लेव में उन्हें प्रतिष्ठित विद्वानों को सुनने व विभिन्न बिंदुओं पर उनसे अपनी जिज्ञासाओं के समाधान का अवसर मिला। भारत रत्न प्रोफेसर सी०एन०आर० राव को प्रत्यक्ष सुनना सपना साकार होने जैसा था। Toppers Conclave के समापन अवसर पर विश्वविद्यालयों के टाॅपर्स को सम्मानित किया गया। पांच दिनों तक आयोजित परिचर्चाओं में प्रतिभाग करने वाले टाॅपर्स में से दो श्रेष्ठ वक्ता के रूप में चयनित जीबी पंत वि०वि०, पंतनगर की अंजली जोशी व एच०एन०बी० मेडिकल एजुकेशन वि०वि०, देहरादून की निशा जोशी को राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल व उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने सम्मानित किया। इससे पूर्व Toppers Conclave में अंतिम दिन आईउनटीएसीएच के श्री लोकेश ओहरी ने "उत्तराखंड में संस्कृति, विरासत व क्रिएटिविटी’’ पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी विरासत को पहचानने की जरूरत है। अपने आस पास की चीजोें का डाक्यूमेंटेशन करें। कोई हमारी विरासत को नुकसान पहुंचा रहा तो उसको रोकें। इसके लिए सिटीजन अवयेरनेस जरूरी है।                                           (सू0वि0)

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देहरादून (सू.ब्यूरो)। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री निवास स्थित जनता मिलन हॉल में आयोजित एक समारोह में मिस ग्रांड इंडिया 2017 की विजेता Anukriti Gusain का सम्मान किया। उन्होंने अनुकृति को बधाई देते हुए उनके अगले इवेंट मिस ग्रांड यूनिवर्स के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि #Uttarakhand जैसे छोटे राज्य जिसके एक छोटे से गांव से होने के बावजूद जिस तरह से अनुकृति ने विशिष्ट स्थान प्राप्त किया है, इसके लिए सिर्फ अनुकृति ही नहीं बल्कि उसके माता-पिता भी उतने ही बधाई के पात्र हैं। उनके बिना यह सम्भव नहीं होता। लैंसडाउन की अनुकृति की उपलब्धि को प्रदेश के युवा वर्ग के लिए अनुकरणीय बताया। उन्होंने इस अवसर पर अनुकृति को प्रदेश में "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" अभियान में आगे आकर प्रदेश में लिंगानुपात को बालिकाओं के पक्ष में बढ़ाने में अपना योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ अपने पैशन को पूरा करना, प्रदेश और देश का नाम रोशन करना एक बड़ी उपलब्धि है। इस अवसर पर अनुकृति ने कहा की पहाड़ की बेटी के पास टैलेंट है, पर्सनालिटी है, कपैसिटी है, बस आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें संसाधन मिले। उन्होंने कहा कि वो बेटी बचाओ अभियान के साथ पलायन रोकने के लिए भी उत्तराखंड में काम करेंगी। उन्होंने उत्तराखंड को उन्हें दिये सपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया।

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देहरादून (सू.ब्यूरो)। राज्यपाल Dr. K.K. Paul ने राज्य में स्वामी विवेकानंद जी से जुड़े स्थलों को संरक्षित व विकसित किए जाने के निर्देश दिए हैं। संस्कृति निदेशक सुश्री बीना भट्ट को इसके लिए निर्देशित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का #Uttarakhand से गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने राज्य में जहां प्रवास किया, जिन-जिन स्थानों पर गए, वे हमारे लिए अनमोल धरोहर हैं। इनको संरक्षित किए जाने की आवश्यकता है। स्वामी जी से संबंधित स्थलों को शामिल करते हुए एक पर्यटन सर्किट विकसित किया जाए। गौरतलब है कि उत्तराखंड में #Almora का थामसन हाउस, काकड़ीघाट, कसारदेवी गुफा, स्याहीदेवी सहित अनेक स्थल स्वामी विवेकानंद जी की स्मृतियों से जुड़े हैं।        (सू0वि0)

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