उत्तराखंड

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देहारादून। जिले मे एक ऐसा विवादित ऐबकारी अधिकारी है जो सुरा की दुकानों से बलपूर्वक एक चोट्टे की तरह रकम उड़ा लेता है। जी हाँ ये सच है जिला देहारादून मे एक अधिकारी ने विभाग के अधिभार की वसूली एक सुरा की दुकान से बलपूर्वक गल्ले मे हाथ डालकर कर ली।

खोजी नारद आपको उस ऐबकारी अधिकारी की जुबानी अपनी चोट्टे वाली हरकत को दिखाएगा और सुनवाएगा भी, क्या अब विभाग नियम और कायदो को ताक पर रख देंगे ऐसे चोट्टे अधिकारी का साथ देगा या इस पर कार्यवाही करेगा?

एक सुरा व्यवसायी द्वारा ऐसे अधिकारी के खिलाफ एक थाने में तहरीर दे दी गयी है। अब क्या उस अधिकारी पर गल्ले मे से बलपूर्वक रकम को निकाले जाने का मामला दर्ज होगा क्या?

पूरी खबर सिर्फ खोजी नारद पर कल?

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देहारादून। जब बच्चे छोटे होते है तो माँ बच्चे की हड्डियों को मजबूत करने के लिए डाबर का तेल लगाती है । उत्तराखंड की राजधानी देहारादून में भी मसूरी देहारादून विकास प्राधिकारण मे डाबर का तेल खूब चर्चा का केंद्र बन रहा है । एमडीडीए के आला अधिकारियो पर डाबर के तेल की ऐसी मालिश हुई कि उन्होने अपनी हड्डियों को बचाने के लिए एक बिल्डिंग का मानचित्र स्वीक्रत कर दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय से महज 500 मीटर पर एक बिल्डिंग के कम्पौंडिंग मानचित्र को मंजूरी दे दी गयी जो नियमो को ताक पर रखकर बना है। पूरे उत्तराखंड में माननीय हाईकोर्ट के निर्देश पर अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन और एमडीडीए ने अभियान छेड़ रखा है, और अगर कोई महज एक शपथ पत्र के आधार पर अपना अवैध मानचित्र शमन करवा ले और प्राधिकारण के आला अधिकारी उसके बाद डाबर के तेल से मालिश करवा अपनी आंखे मूद कर सो जाए तो उसे क्या कहा जाएगा।

ये तो शोले की बसंती वाली बात हो गयी कि हमे बकबक करने की आदत भी नहीं है और नियम के अनुसार शपथ पत्र ले लिया है अगर उक्त प्रकरण से संबन्धित प्राधिकारण को कोई शिकायती पत्र मिलेगा तो कार्यवाही जरूर होगी। इस टाइप के बयान आपको समाचार पत्रो में और न्यूज़ चैनल में प्राधिकरण के आला अधिकारियों के सुनने को मिलते रहते होगे। केष्टो मुखर्जी का नाम तो आप जानते होंगे? प्राधिकरण के एक आला अधिकारी भी केष्टो मुखर्जी के अवतार मे है चंपी तेल और मालिश? सर तो तेरा चकराय या दिल डूबा जाए, आजा प्यारे पास हमारे, काहे घबराए?

अबकी बार कुछ अलग होगा क्यूकि इस आला अधिकारी पर ऐसा शोध हुआ है जिससे आप सभी अवगत होना चाहेंगे। एक कंपनी जिसकी फ़ाइल गुम होने की रिपोर्ट भी दर्ज कारवाई जाती है और उसके बाद जांच को प्रभावित भी किया जाता है, क्या है पूरा मामला जल्द आपको खोजी नारद अवगत करवाएगा?

फिलहाल दीगर बात ये है कि डाबर का ऐसा कौन सा तेल है जिससे प्राधिकरण के अधिकारियों की जमकर मालिश हुई है? यह मालिश किस सफेदपोश ने की और उत्तराखंड के ईमानदार हाकिम किसकिआँख कि किरकिरी बने हुये है? पूरी खबर जल्द आपके समक्ष।

सूत्रो की माने तो प्राधिकरण के दो आला अधिकारी उत्तराखंड के हाकिम के रडार पर है जिन पर कार्यवाही जल्द होनी है और अगर ऐसा होता है तो भ्रस्टाचार पर जरूर लगाम लगेगी ।

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देहरादून। कहते हैं कुछ लोग इतिहास लिखा करते हैं और कुछ लोग इतिहास बन जाते हैं जी हां ऐसा ही एक इतिहास देहरादून के इस युवा पत्रकार ने बना दिया है। हम बात कर रहे हैं देहरादून में पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले नारायण परगाई की, जिनका नाम मीडिया जगत में हलचल के रूप में जाना जाता है। लेकिन देहरादून में काठगोदाम से चलने वाली नई ट्रेन नैनी दून जन शताब्दी में सफर करने के बाद देहरादून पहुंचने वाले वह पहले यात्री बन गए हैं। उनका देहरादून पहुंचने पर BJP के कई नेताओं ने फूल मालाओं से स्वागत भी किया।

उनके इतिहास बनने के पीछे की कहानी यह भी है कि काठगोदाम से देहरादून तक का सफर करने के बाद हालांकि वह पूरी ट्रेन में अकेले नहीं थे, लेकिन उनके इतिहास बनने की कहानी उनके देहरादून स्टेशन पर उतरने वाले पहले यात्री के रूप में बनी है। बता दे किसी भी राज्य में नई ट्रेन के संचालन करने वाले राज्य में और उस में सफर करने वाले यात्री इतिहास के गवाह बनते हैं और इन इतिहास के पन्नों उनका नाम हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है।

काठगोदाम से देहरादून चली नई ट्रेन के सफर करने वाले लोगों ने भी कुछ ऐसा ही इतिहास कायम किया है इस नई ट्रेन के सफर को लेकर हालांकि कई राजनीतिक बातें भी सामने आई हैं लेकिन काठगोदाम से देहरादून तक चलने वाली ट्रेन आम जनता को पूरा फायदा देती हुई भी नजर आएगी।

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पंजाब नेशनल बैंक भरोसे का प्रतीक अब नहीं रह गया है, नीरव मोदी का घोटाला सामने आने के बाद लोगो का

भरोसा टूटता जा रहा है। देहारादून में पंजाब नेशनल बैंक की अधोईवाला ब्रांच की खाता धारक अंजलि नयाल के

साथ तो ऐसा ही हुआ। खोजी नारद को उन्होने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की कहानी को खुद बयां किया। अंजलि द्वारा लाइफ स्टाइल के शोरूम से 9 जुलाई 2017 को लगभग 4564/- रुपए की खरीददारी की गयी और पीएनबी का मास्टर डेबिट कार्ड से पेमेंट किया गया। पहली बार कार्ड स्वाइप करते समय कार्ड का ट्रांजकशन फेल हो गया,

जब शो रूम द्वारा दोबारा कार्ड को स्वाइप किया तब ट्रांजकशन ओके हुआ । उसके बाद जब अंजलि द्वारा कुछ

समय बाद अपनी पासबूक अपडेट कारवाई गयी तब उनको पता चला कि उनके खाते से दो बार 4564/- रुपए

कट गए है।

(विडियो देखे और इस लिंक पर क्लिक करे-:)

https://youtu.be/RNmfrcy1Pnk


जब अंजलि द्वारा बैंक से इस बाबत पूछा गया और ट्रांजकशन फेल और सक्सेस की स्लिप दिखाई गयी तब बैंक ने

कहा की आपके खाते में रुपए वापस आ जाएंगे। इ स बात को एक वर्ष पूरा होने वाला है और अंजलि के रुपए आज

तक वापस नहीं आए। बैंक पर चक्कर काट काट कर अंजलि ने रुपए वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी है।

जब खोजी नारद की एक बैंक अधिकारी से बात हुई तो उन्होने नाम ना छापने की शर्त पर सही बात बताई और

कहा कि पीएनबी के वेंडर ही बैंक को चूना लगा रहे है, उन्होने बताया की मास्टरकार्ड एक अमेरिकन कंपनी है, जब

पीएनबी द्वारा ऐसी ट्रांजकशन के रिफ़ंड की मेल की जाती है तब मास्टरकार्ड कंपनी द्वारा कोई सपोर्ट नहीं मिलता

है और थक हार कर बैंक ग्राहक को टहलाता रहता है। अब आप ही सोचिए ऐसे कितने हजारो और लाखो ग्राहक

होंगे जो ऐसी ठगी का शिकार हुये होंगे और बैंक के चक्कर काट काट कर थक चुके होंगे और अपने रकम भूल

चुके होंगे।

लोगो की गाढ़ी कमाई का ये रुपया आखिर किसकी जेब मे गया होगा। आप अंजलि नयाल का विडियो देखिये कि

एक साल बीत जाने के बावजूद भी उनको अपने रुपए वापस नहीं मिले। क्या पीएनबी का वेंडर मास्टर कार्ड लोगो

कीजेब पर डाँका डालने का साधन तो नहीं।

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